बिना ढोलक के राजस्थानी कहानी बेजान है।
राजस्थान की जीवनशैली रेगिस्तानी परिस्थितियों के अनुरूप ढली हुई है, जो बहुत ही सादगीपूर्ण लेकिन रंगीन है।
राजस्थानी गांवों में सबसे बड़ा मनोरंजन (लोगों के बैठने का ऊंचा प्लेटफॉर्म) पर बैठकर गप्पें मारना है। कहानियों में पंचायतें सिर्फ विवाद सुलझाने नहीं, बल्कि किस्से सुनाने और पिछली लड़ाइयों के वीर रस के गीत गाने का मंच होती हैं।