2. कब्र के पास खड़े होने का तरीका
यदि आपको पूरी सूरतें याद नहीं हैं, तो आप केवल सूरह इख़्लास दरूद शरीफ़
3. फातिहा पढ़ने की प्रक्रिया (Step-by-Step) kabristan me fatiha ka tarika in hindi
1. कब्रिस्तान में दाखिल होने की दुआ
कब्र के पास पहुँचकर इस तरह खड़े हों कि आपका चेहरा कब्र की तरफ हो और पीठ किबला (काबा) की तरफ। कब्र को हाथ न लगायें, न ही उस पर बैठें। एक मुनासिब दूरी बनाकर अदब के साथ खड़े हों। उनकी कब्र को रोशन कर
इस्लाम धर्म में मरने के बाद की जिंदगी पर विश्वास रखा जाता है। मुसलमानों के लिए कब्रिस्तान (जिसे ‘कब्रिस्तान’ या ‘गोरिस्तान’ कहा जाता है) एक एहतियात और नसीहत की जगह है। यहाँ जाकर इंसान को मौत की याद आती है और वह अपने आखिरत के लिए कुछ अच्छे काम करने की प्रेरणा लेता है। परिवार के मृत सदस्यों, रिश्तेदारों या अन्य मुस्लिम मृतकों के लिए और दुआ करना एक आम रिवाज है।
"ऐ अल्लाह! इस कुरान पाक के सवाब को हमारे सारे मर्दों और औरतों, मोमिनीन और मोमिनात (मृत मुसलमानों) को पहुंचा। खास तौर पर इस कब्र में सोने वाले (नाम लें) को बख्श दे, उनकी कब्र को रोशन कर, उनके दर्जे बुलंद कर और जन्नत में जगह दे। आमीन।" kabristan me fatiha ka tarika in hindi
यहां दो प्रमुख इस्लामी दृष्टिकोण हैं जिन्हें समझना जरूरी है:
क्या आप इस विषय पर कुछ या कब्रिस्तान जाने के दिनों के बारे में और जानकारी चाहते हैं?
अगर आप चाहें तो ताजे फूल रख सकते हैं, क्योंकि जब तक वे गीले रहते हैं, अल्लाह की तस्बीह करते हैं जिससे मुर्दे को सुकून मिलता है। निष्कर्ष